गुना (रिपोर्ट- मनोहर प्रजापति): मध्यप्रदेश के गुना जिले में बीमारियों के इलाज के नाम पर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। म्याना थाना क्षेत्र के मोहनपुर खुर्द गांव में आयोजित ‘चंगाई सभा’ के जरिए ग्रामीणों, खासकर आदिवासियों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किए जाने के आरोप लगे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो पास्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैंसर जैसी बीमारियों को ठीक करने का दावा
शिकायतकर्ता बृजेश बैरागी के अनुसार, 5 अप्रैल को गांव में एक बड़े पंडाल में सभा चल रही थी, जहां पास्टर उत्तम बारेला और विकास बारेला लोगों के सिर पर हाथ रखकर झाड़-फूंक कर रहे थे। सभा में दावा किया जा रहा था कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज केवल प्रभु ईसा मसीह की शरण में जाने से संभव है।
मीट-मुर्गा और आर्थिक मदद का लालच
आरोप है कि सभा के दौरान ग्रामीणों को मीट-मुर्गा खिलाया गया और आर्थिक सहायता का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें डराया गया कि यदि उन्होंने धर्म नहीं बदला, तो उनकी बीमारियां कभी ठीक नहीं होंगी और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
धर्म बदलो, लेकिन पहचान न बदलने की सलाह
शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्रामीणों को यह समझाया गया कि धर्म परिवर्तन के बाद भी वे अपनी जाति और नाम न बदलें, ताकि सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ मिलता रहे।
वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज की FIR
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पास्टर उत्तम बारेला और विकास बारेला सहित अन्य के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
संगठित नेटवर्क की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस गतिविधि के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जिसमें कुछ संस्थानों से जुड़े युवाओं को गांवों में भेजा जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंधविश्वास और लालच के जरिए धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान
गुना की पुलिस अधीक्षक हितिका वसल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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