मऊगंज जब से जिला बना है तो उसका विकास तेजी से होने लगा है और प्रशासनिक ब्यवस्था भी चाक चौबंद हो गई है यह बात तो वहा के सत्ताधरी दल के नेता और प्रशासनिक अधिकारी दावे के साथ करते है मगर दूसरी तरफ कानून ब्यवस्था के हाल बेहाल है...जिले मे वर्ग संघर्ष की स्थिति बनती जा रही है ...पहले ब्राम्हण और आदिवासी समुदाय के बीच और अब पटेल और साकेत समाज के बीच ...दरअसल पिछले साल इसी समय होली के ही दिन मऊगज के गड़रा गांव मे एक ब्राम्हण युवक को आदिवासी समुदाय के लोगो द्वारा पहले बन्धक बनाया गया फिर उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी उसके बाद तो वहां वर्ग संघर्ष की स्थिति बनी ही साथ ही एक पुलिस कर्मी एएसआई राम चरण गौतम भी शहीद हो गये...और लगभग आधा दर्जन पुलिस कर्मी घायल हुए थे..महीनो वहा धारा 144 लगी रही बताया जाता है आज भी वहां की स्थिति सामान्य नही है ..उसके बाद अब मऊगंज जिले के ही हनुमना थाना मे साकेत और पटेल परिवार के बीच ऐसे ही वर्ग संघर्ष की स्थिति बन गई है..दरअसल वहां के एक पटेल लड़के पर साकेत समुदाय की लड़की के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा लड़के को जेल भी जाना पड़ा था लेकिन दो साल बाद लड़का न्यायालय से दोषमुक्त हो गया जिसके बाद सकेत समुदाय के लोग भड़क गये और इकट्ठा होकर लडके के परिवार वालो पर हमला बोल दिया ..दोनो तरफ से खूब लाठी डंडे चले जिसमे पटेल समुदाय के चार लोग बुरी तरह घायल हुए...हालांकि घायल होने वालों मे साकेत समुदाय के लोग भी थे लेकिन इस हिन्सा मे सम्बन्धित लड़के के पिता की इलाज दौरान मौत हो गई...नतीजन पटेल लोग भी होली के ही दिन एकत्रित होकर साकेतों के गांव को लाठी डंडे और अन्य धारदार हथियार लेकर घेर लिया..लेकिन पिछले साल गाड़र गांव मे हुई घटना से सबक लेकर पुलिस पहले से सचेत थी ..नतीजतन गुस्सायी भीड़ को किसी तरह काबू मे किया...खैर फिलहाल पुलिस ने हालात मे तो काबू पा लिया है..लेकिन इस तरह हो रहे जातीय सघर्ष आगे आने वाले समय मे किसी बड़ी अनहोनी की ओर इशारा कर रहे है...समय रहते अगर दो जातियो की बीच बन रही खाई को नही पाटा गया तो न तो यह समाज के लिये अच्छा है और न ही जिले और प्रदेश के लिये....
सावधान! मऊगंज में फिर गहराया वर्ग संघर्ष: साकेत और पटेल समाज के बीच खूनी भिड़ंत, एक की मौत के बाद गांव बना छावनी।
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