कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नबन्ना (Nabanna) के 14वें तल पर अपनी पहली कैबिनेट बैठक के साथ ही राज्य की प्रशासनिक दिशा बदलने का संकेत दे दिया है। 2026 विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद, मुख्यमंत्री ने 'सबके लिए काम' करने का संकल्प दोहराते हुए छह महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने इस चुनाव को बंगाल के इतिहास का पहला 'हिंसा मुक्त' चुनाव बताते हुए चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों का आभार व्यक्त किया।
कैबिनेट बैठक के 6 प्रमुख निर्णय:
1. बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन: मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "45 दिनों के भीतर हम सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन सौंप देंगे।" इस कदम का उद्देश्य घुसपैठ और तस्करी पर लगाम लगाना है।
2. जनगणना (Census) की तत्काल शुरुआत: पिछले 11 महीनों से रुकी हुई जनगणना की प्रक्रिया आज से ही शुरू करने के प्रशासनिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर तुष्टिकरण और संवैधानिक प्रक्रियाओं में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनगणना रोकने का उद्देश्य परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण की प्रक्रिया को बाधित करना था। इस देरी की जांच के लिए एक 'फैक्ट फाइंडिंग कमेटी' भी बनाई जाएगी।
3. आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाएं: कैबिनेट ने 'आयुष्मान भारत' (PM-JAY) योजना को बंगाल में लागू करने की मंजूरी दे दी है। केंद्र के स्वास्थ्य विभाग के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। अब बंगाल के लोगों को भी 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
4. सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट: उन युवाओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है जो पिछली सरकार के दौरान भर्ती न होने के कारण ओवर-एज हो गए थे। मुख्यमंत्री ने ऐसी भर्तियों के लिए उम्मीदवारों को 5 साल की आयु सीमा में छूट देने का निर्णय लिया है।
5. भारतीय न्याय संहिता (BNS) का कार्यान्वयन: राज्य में नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता) को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार ने जानबूझकर इन सुधारों को बंगाल में लागू नहीं किया था।
6. अधिकारियों की ट्रेनिंग नीति में बदलाव: पिछली सरकार की उस नीति को पलट दिया गया है जिसमें अधिकारियों को बाहर ट्रेनिंग पर भेजने पर पाबंदी थी। अब IAS, IPS और WBPS अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जा सकेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, गृह सचिव संघमित्रा घोष और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का प्राथमिक लक्ष्य कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करना और एक पारदर्शी, जन-केंद्रित प्रशासन का निर्माण करना है।
बैठक के दौरान नबन्ना में मुख्यमंत्री को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। गौरतलब है कि 2026 के चुनावों में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत किया है।
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