Monday, 01 June 2026
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बंगाल चुनाव परिणाम: 24 घंटे में बदला ओझा सर का 'अंदाज', ममता की जीत का दावा करने वाले अवध ओझा अब हो रहे ट्रोल

कोलकाता/नई दिल्ली: अपनी बेबाक वाक शैली और ऐतिहासिक किस्सों के लिए मशहूर शिक्षक और 'आम आदमी पार्टी' के नेता अवध ओझा इन दिनों सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई मोटिवेशनल स्पीच नहीं, बल्कि उनका 'यू-टर्न' है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने न केवल सियासी पंडितों को चौंकाया, बल्कि ओझा सर के उस दावे की भी हवा निकाल दी, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी की प्रचंड वापसी की भविष्यवाणी की थी।

नतीजों से पहले ही दे दी थी 'अग्रिम बधाई'

वोटों की गिनती से ठीक एक दिन पहले, जब पूरा देश एग्जिट पोल और कयासों में उलझा था, अवध ओझा ने सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी की जीत सुनिश्चित मान ली थी। उन्होंने बड़े आत्मविश्वास के साथ पोस्ट किया:

"TMC और ममता दीदी को बंगाल के विजय की अग्रिम बधाई। मोदीजी को ममता दीदी की कीमत पता है। जय हिंद।"

 

 

इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या ओझा सर को जमीनी हकीकत का पहले से ही आभास है।

जब बदला बंगाल का भूगोल और ओझा का 'ज्ञान'

सोमवार को जैसे ही चुनाव परिणाम सामने आए, बंगाल में 15 सालों से काबिज टीएमसी का किला ताश के पत्तों की तरह ढह गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हार का सामना करना पड़ा।

जैसे ही हार की तस्वीर साफ हुई, अवध ओझा ने बिना समय गंवाए पलटी मार ली। उन्होंने तुरंत नया तर्क देते हुए ट्वीट किया:

"बंगाल जीतने पर बीजेपी को बधाई। ऐसे ही देश की जनता को सरकारों को बदलते रहना चाहिए। जय हिन्द।"


सोशल मीडिया पर 'यू-टर्न' वायरल, हो रही ट्रोलिंग

ओझा सर का 24 घंटे के भीतर बदला यह रुख अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यूजर्स उनके पुराने और नए ट्वीट के स्क्रीनशॉट साझा कर मजे ले रहे हैं।

  • ट्रोलर्स का कहना है: "जो इतिहास पढ़ाते हैं, वो खुद वर्तमान का मूड भांपने में फेल हो गए।"

  • विपक्ष का तंज: लोग इसे 'राजनीतिक अवसरवाद' बता रहे हैं, क्योंकि ओझा हाल ही में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं।

10 साल में 3 से 207 तक का सफर

बंगाल के इन परिणामों ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। साल 2016 में महज 3 सीटों पर रहने वाली भाजपा ने 2026 में पूर्ण बहुमत (207 सीटें) हासिल कर बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है।

फिलहाल, जहाँ बीजेपी अपनी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रही है, वहीं अवध ओझा जैसे 'भविष्यवक्ता' सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण और ट्रोलिंग के बीच फंसे नजर आ रहे हैं।

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