राजधानी भोपाल में कथित धर्मांतरण और अनैतिक गतिविधियों से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच और जिला अदालत में दर्ज पीड़िताओं के बयानों के आधार पर दो सगी बहनों—अमरीन और आफरीन—पर युवतियों को झांसे में लेकर उनका शोषण करने और ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।
झांसा देकर संपर्क में लाती थीं आरोपी
जांच में सामने आया है कि आरोपित बहनें युवतियों को नौकरी, आर्थिक मदद या पारिवारिक सहयोग का लालच देकर अपने संपर्क में लाती थीं। पीड़िताओं के अनुसार, वे कभी ननद-भाभी, कभी सहेली या सहकर्मी बनकर भरोसा जीतती थीं।
आरोप है कि उनके ठिकाने पर रहने आई युवतियों को बाद में मुस्लिम युवकों से मिलवाया जाता था और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला जाता था।
विरोध पर फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल
पीड़िताओं ने बयान में कहा कि विरोध करने पर उनकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो दिखाकर बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। शुरुआती घटनाएं नर्मदापुरम रोड स्थित सागर रॉयल विला के एक डुप्लेक्स से जुड़ी बताई गई हैं, जहां से पूरे नेटवर्क के संचालन का आरोप है।
बताया गया है कि यहीं कथित रूप से पहला शोषण कराया जाता था और बाद में युवतियों को हाईप्रोफाइल पार्टियों में भेजा जाता था।
धार्मिक दबाव के भी आरोप
कुछ पीड़िताओं ने अदालत में आरोप लगाया कि उन्हें पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने को कहा जाता था। साथ ही मुस्लिम रीति-रिवाज अपनाने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था।
पीड़िताओं का यह भी कहना है कि उन्हें आर्थिक शोषण के उद्देश्य से दबाव में रखा जाता था और देह व्यापार में धकेलने के बाद उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा आरोपित अपने पास रख लेती थीं।
युवकों को भी बनाया गया निशाना
जांच में यह भी सामने आया है कि कई युवकों को भी कथित तौर पर ब्लैकमेल किया गया। पीड़िताओं के मुताबिक, जो युवक पैसे देने से इनकार करते थे, उनके खिलाफ अन्य शहरों—जैसे अहमदाबाद—में दुष्कर्म सहित गंभीर धाराओं में मामले दर्ज कराए जाते थे।
बाद में समझौते के नाम पर रकम लेकर मामले शांत कराए जाते थे। पुलिस ऐसे मामलों की कड़ियां जोड़ रही है।
कोर्ट में बयानों से खुला नेटवर्क
जिला अदालत में दर्ज बयानों में पीड़िताओं ने कहा है कि इस गिरोह के जाल में कई कॉलेज छात्राएं, विवाहित महिलाएं और नौकरी की तलाश में भटक रहीं महिलाएं फंसीं।
आरोप है कि गिरोह पहले ग्राहकों से सौदा तय करता था और फिर तय समय पर युवतियों को बुलाया जाता था। व्हाट्सएप के जरिए कथित ग्राहकों को तस्वीरें भेजी जाती थीं। पुलिस ने मोबाइल से कई फोटो जब्त किए हैं।
पुलिस कार्रवाई और रिमांड
बागसेवनिया थाना पुलिस ने मुख्य आरोपित अमरीन और एक अन्य आरोपी चंदन को अतिरिक्त रिमांड पर लिया है। पूछताछ में पता चला कि सागर रॉयल विला का डुप्लेक्स चार साल पहले किराये पर लिया गया था।
मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दूसरे राज्य में डेरा डाले हुए है।
जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त संजय कुमार पूरे प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी में हैं। हाल ही में पुलिस ने सागर रॉयल विला स्थित ठिकाने की तलाशी लेकर बुर्का और कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।
धमकी और प्रभाव का आरोप
पीड़िताओं ने बयान में आरोप लगाया कि विरोध करने पर आरोपी महिलाएं राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का हवाला देकर डराती थीं। वे कथित रूप से वीडियो वायरल करने या उल्टा केस दर्ज कराने की धमकी देती थीं।
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