Wednesday, 25 March 2026
Swaraj Express
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मध्य प्रदेश Bhopal

भोपाल: गौ मांस तस्कर असलम से...इन्जीनियर ने डकारे पांच करोड़

 गौ मांस तस्करी को लेकर पिछले दो महीने से हिन्दू वादी संगठन काफी उद्वेलित है.. कारण भी सही है जब राजधानी भोपाल  से ही संचालित किसी स्लाटर हाउस से गौ मांस निर्यात किये जाने की बात आये तो गौ भक्तो का आक्रेशित होना स्वाभाविक है.... खैर मामला सामने आते ही स्लाटर हाऊस के संचालक असलम कुरेशी उर्फ असलम चमड़े को हिरासत मे लेकर जेल भेज दिया गया और स्लाटर हाऊस को भी प्रसाशन ने सील कर दिया..लेकिन पिछले दो दिन से असलम चमड़ा मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है क्योकि असलम चमडे को कोर्ट से लगभग 70 दिन बाद जमानत मिल गई..जिसका भारी विरोध अलग अलग हिन्दू संगठन द्वारा हो रहा है..नतीजतन जेल से रिहा होते ही फिर से पुलिस ने असलम चमड़े को गिरफ्तार कर लिया और एनएसए की कार्यवाही करते हुए फिर जेल भेज दिया...ये तो पुलिस प्रशासन की अपनी कार्यवाही है..अब हम आपको दो बिन्दुओ पर लाना चाहते है..पहला बिन्दु है कि आखिर अस्लम चमड़े का खेल कैसे उजागर हुआ..तो जो स्वराज एक्सप्रेस ने छान बीन की तो पाया कि असलम चमड़े का खेल उजागर करने मे दूसरा स्लाटर हाऊस चलाने वाला संचालक ही है..वह भी कुरेशी है और उत्तरप्रदेश का रहने वाला है...जिसने इसी स्लाटर हाऊस के संचालन के लिये टेन्डर डाला था और कार्य अनुभव और लोवेस्ट रेट के आधार पर उसको टेन्डर मिल भी रहा था लेकिन असलम ने निगम के कुछ कर्ताधर्ताओ से सांठ गाठ करके नियमो के झमेले मे उलझा कर  उसका टेन्डर रिजेक्ट करवा दिया..ऐसे ही उसका दो बार टेन्डर रिजेक्ट हुआ जिसको लेकर उसने असलम को सबक सिखाने की ठान ली और जो कुछ हुआ वह आपके सामने है.. आपको बता दे कि टेंकर जो पकड़ा गया उसका रजिस्ट्रेशन उत्तर प्रदेश का है और टेकर का चालक सुलेल भी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है..बहरहाल  अब दूसरा सवाल यह है कि आखिर वह अधिकारी कौन है जिसने असलम से सांठ गांठ की..तो आपके बता दे पहला नाम उन महाशय का आता हे जिन्होने असलम से पांच करोड़ रुपये लिये..और इन्होने ही असलम को ठेका दिलवाने मे सारा गुणा भाग बैठाया है ...तो  ये साहब  निगम मे इन्जीनियर है.. जिसका जिक्र पुलिस की पूंछ तांछ मे भी सामने आया है.. जिसकी रिपोर्ड महकमे मे ऊपर तक जा चुकी है...अब साहब ने अकेले पांच करोड़ डकारे है या किसी और को भी इस लेन देन मे शामिल किया है यह तो जांच का विषय है पर इन्जीनियर साहब ने आगे की कार्यवाही से बचने के लिये सरकार मे बैठे अपने आका के पास मामला खुलने के साथ ही एक करोड़ पहुचा दिये है...जिससे उनके खिलाफ तुरन्त मे कोई एक्सन तो नही हुआ लेकिन साहब ने ही उनको यह चेतावनी दे दी है अगर मामले ने और तूल पकड़ा तो आगे वो उन्हे नहीं बचा पायेगे...नतीजन इन्जीनियर साहब ने आगे कोई झमेला न हो इसलिये उन्होने अपने मूल विभाग मे जाने के लिये प्रशासन के पास आवेदन लगा  दिया है कहा यह भी जा रहा अगले हफ्ते तक उनके आवेदन मे कार्यवाही हो जायेगी...और जनाब अपने मूल विभाग मे वापस चले जायेगे....यह तो रही असलम चमड़े को स्लाटर हाउस का ठेका मिलने की मूल कहानी ...अब अन्त मे गौ भक्तो और हिन्दू संगठनो से यही कहना चाहता हूं कि असलम चमड़े को तो आप ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया लेकिन उन लोगो के खिलाफ क्यो आवाज नही उठा रहे जो असलम चमड़े को यह कार्य करने के लिये संरक्षण दे रहे थे....जो असलम चमड़े के इस खेल मे पर्दे के पीछे से साथ दे रहे थे...कहां है वह पशु चिकित्सक डा एनम जो निर्यात होने वाले मांस के टेकरों मे गौ मांस न होने का सर्टिफेकेट देती रही है...क्यो नही उसकी खोज कर रहे है..जरा एक बार असलम को कैसे टेन्डर मिला इसके तह तो जाये तब जाकर आप उसकी जड़ तक पहुंच पायेगा ...अगर ऐसा नही करते है तो ऐसे ही इस देश और प्रदेश मे न जाने कितने असलम हमारी गौ माता का बध करते रहेगें....

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