Monday, 01 June 2026
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केरल में भाजपा की सरकार अब 'सपना' नहीं, 'हकीकत' बनेगी: प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा दावा

तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के राजनीतिक परिदृश्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बढ़ते कदमों को लेकर एक नया और आत्मविश्वास से भरा विजन पेश किया है। हाल ही में संपन्न हुए केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य में भाजपा की स्वीकार्यता अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए स्पष्ट किया कि दक्षिण भारत का यह दुर्ग अब भाजपा की पहुँच से दूर नहीं है।

1 से 3 सीटों का सफर: पीएम ने बताया 'ऐतिहासिक बदलाव'

प्रधानमंत्री ने चुनाव नतीजों का विश्लेषण करते हुए कहा कि केरल में पार्टी का 1 सीट (नेमम, 2016) से बढ़कर 3 सीटों (नेमम, कझाकुट्टम और चाथनूर) के आंकड़े तक पहुँचना महज एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि राज्य की जनता के वैचारिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा:

"केरल में भाजपा का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। जिस तरह से केरल की जनता ने हमारे विकास के एजेंडे 'विकसित केरलम' पर भरोसा जताया है, वह यह साबित करता है कि वहां भाजपा की सरकार बनना अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि भविष्य की हकीकत है।"

नेमम और चाथनूर में खिला 'कमल': वामपंथ के गढ़ में सेंध

2026 के इन चुनावों में भाजपा ने न केवल अपनी पुरानी सीट नेमम (राजस्व मंत्री राजीव चंद्रशेखर की जीत) वापस पाई, बल्कि कझाकुट्टम और वामपंथ के मजबूत गढ़ माने जाने वाले चाथनूर में भी जीत दर्ज कर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। चाथनूर में बी.बी. गोपाकुमार की जीत को भाजपा राज्य में अपनी सबसे बड़ी रणनीतिक सफलता मान रही है।

विपक्ष के लिए खतरे की घंटी

पीएम मोदी का यह बयान केरल की पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति (UDF बनाम LDF) के लिए एक सीधी चुनौती माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि केरल की जनता अब भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की राजनीति से ऊब चुकी है और विकास के 'मोदी मॉडल' को अपनाने के लिए तैयार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस जीत को एक नींव की तरह इस्तेमाल करें और अगले चुनावों में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य लेकर चलें।

दक्षिण भारत में भाजपा का बढ़ता दखल

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि केरल में भाजपा का वोट शेयर और सीटों में बढ़ोतरी पार्टी की 'लुक साउथ' (Look South) नीति का हिस्सा है। 2026 के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केरल अब भाजपा के लिए 'अछूता' प्रदेश नहीं रहा। पीएम मोदी के इस आत्मविश्वास ने जहां भाजपा कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है, वहीं विपक्षी खेमे में भविष्य की चुनावी रणनीतियों को लेकर हलचल तेज कर दी है।

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