Monday, 01 June 2026
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चीन की बड़ी सैन्य तैयारी! परमाणु मिसाइल ठिकानों के पास बन रहे विशाल लॉन्च पैड, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

 चीन अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। हाल ही में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन अपने परमाणु मिसाइल ठिकानों के आसपास बड़े पैमाने पर लॉन्च पैड, बंकर और संचार सुविधाओं का निर्माण कर रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना चीन की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है।

सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी विशाल सैन्य परियोजना

सैटेलाइट इमेजरी के अनुसार चीन के शिनजियांग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य ढांचे का निर्माण जारी है। तस्वीरों में विशाल परिसर, सैन्य वाहन, अस्थायी शिविर और कई नई संरचनाएं दिखाई दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का निर्माण कार्य पहले कभी नहीं देखा गया।

80 से ज्यादा संभावित लॉन्च साइटों का निर्माण

रिपोर्ट के अनुसार चीन 80 से अधिक ऐसे स्थलों का विकास कर रहा है, जिनका उपयोग मोबाइल मिसाइल लॉन्चर और वायु रक्षा प्रणालियों के लिए किया जा सकता है। इन स्थानों को देश के दूरस्थ परमाणु मिसाइल अड्डों के पास विकसित किया जा रहा है, जहां चीन की लंबी दूरी की मिसाइलें तैनात हैं।

परमाणु क्षमता को सुरक्षित बनाने की रणनीति

विश्लेषकों का मानना है कि इन नई सुविधाओं का उद्देश्य किसी संभावित हमले की स्थिति में भी चीन की जवाबी परमाणु कार्रवाई की क्षमता को सुरक्षित रखना है। बड़े पैमाने पर बनाए जा रहे बंकर, हथियार भंडारण केंद्र और संचार नेटवर्क इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और संचार सुविधाओं पर भी फोकस

सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक निर्माणाधीन परिसरों में केवल मिसाइल लॉन्चिंग की सुविधाएं ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सैटेलाइट संचार और कमांड सेंटर जैसी व्यवस्थाएं भी विकसित की जा रही हैं। इससे चीन की सैन्य कमान और नियंत्रण प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सकेगा।

शिनजियांग के रेगिस्तानी इलाके में हो रहा निर्माण

यह परियोजना मुख्य रूप से पूर्वी शिनजियांग के रेगिस्तानी क्षेत्र में विकसित की जा रही है। दो बड़े अष्टकोणीय सैन्य परिसर हामी मिसाइल क्षेत्रों के निकट बनाए गए हैं। एक परिसर लगभग 140 किलोमीटर और दूसरा करीब 230 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

अमेरिका और सहयोगी देशों की बढ़ी चिंता

चीन की इस सैन्य गतिविधि ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने एशियाई देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने की अपील करते हुए चीन के तेजी से बढ़ते सैन्य विस्तार को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बताया है।

‘नो फर्स्ट यूज’ नीति के बावजूद उठ रहे सवाल

चीन लंबे समय से ‘नो फर्स्ट यूज’ यानी पहले परमाणु हमला नहीं करने की नीति का समर्थन करता रहा है। हालांकि पश्चिमी देशों के कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चीन परमाणु शक्ति के संकेतों का उपयोग रणनीतिक दबाव बनाने के लिए कर सकता है।

ताइवान को लेकर बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव

ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। ऐसे समय में चीन की नई सैन्य परियोजनाओं को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और सुरक्षा रणनीति के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह परियोजना एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।

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