Monday, 01 June 2026
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मध्य प्रदेश

एमपी आबकारी विभाग में 'कमांडो' स्टाइल ट्रेनिंग: पिस्तौल और SLR चलाना सीखेंगे अफसर, शराब माफिया पर कसेगा शिकंजा

भोपाल/सागर। मध्य प्रदेश में संगठित शराब माफिया और अवैध शराब के बढ़ते कारोबार से निपटने के लिए आबकारी विभाग ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है। अब आबकारी विभाग के निरीक्षकों और अधिकारियों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें पुलिस की तर्ज पर 'कमांडो' की तरह तैयार किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने प्रशिक्षण की अवधि को 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन कर दिया है, जिसमें हथियारों के इस्तेमाल से लेकर साइबर जांच तक की विशेष ट्रेनिंग शामिल होगी।

सागर पुलिस अकादमी में होगी ट्रेनिंग, 45 अधिकारियों का पहला बैच तैयार

आबकारी अधिकारियों का यह विशेष प्रशिक्षण जवाहर लाल नेहरू पुलिस अकादमी (JNPA), सागर में आयोजित किया जाएगा। इसी अकादमी में पुलिस के डीएसपी और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को तैयार किया जाता है। हाल ही में भर्ती हुए 45 आबकारी अधिकारियों से इस नए पाठ्यक्रम की शुरुआत होगी। पुलिस मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा द्वारा तैयार इस नए मॉड्यूल का उद्देश्य अधिकारियों को मैदानी चुनौतियों और अपराधियों के सीधे मुकाबले के लिए तैयार करना है।

हथियारों का अभ्यास और फिजिकल ड्रिल: 47 पीरियड्स का कठिन प्रशिक्षण

आबकारी अफसरों को अब मैदानी मोर्चों पर खुद की सुरक्षा और अपराधियों को पकड़ने के लिए पिस्तौल और एसएलआर (SLR) जैसे आधुनिक हथियार चलाने का अभ्यास कराया जाएगा। फिजिकल ट्रेनिंग को भी काफी कड़ा बनाया गया है, जिसमें:

  • शारीरिक अभ्यास: 5 किमी की दौड़, 12 किमी रोड वॉक, क्रोकोडाइल वॉक और डग वॉक।

  • फिजिकल ड्रिल: परेड और फिजिकल ड्रिल के कुल 47 पीरियड निर्धारित किए गए हैं।

  • मानसिक स्वास्थ्य: शारीरिक मजबूती के साथ-साथ तनाव प्रबंधन के लिए योग और ध्यान को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

साइबर अपराध और आबकारी अधिनियम की विशेषज्ञता

सिर्फ शारीरिक बल ही नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से भी अधिकारियों को हाई-टेक बनाया जाएगा। ट्रेनिंग में साइबर अपराध की जांच, ई-फाइलिंग, और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही आबकारी अधिनियम 1915, एनडीपीएस एक्ट, और एमपी बीयर एवं शराब अधिनियम 2000 जैसे कानूनी विषयों पर भी गहन शिक्षण दिया जाएगा ताकि कानूनी प्रक्रियाओं में कोई चूक न हो।

क्यों पड़ी इस विशेष ट्रेनिंग की जरूरत?

हाल के दिनों में मध्य प्रदेश पुलिस और आबकारी विभाग ने उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों में करोड़ों रुपये की अवैध शराब जब्त की है। उज्जैन के निनोरा टोल प्लाजा से पकड़ी गई 900 पेटी अवैध बीयर और इंदौर में विदेशी शराब की खेप यह बताती है कि शराब माफिया का नेटवर्क बहुत गहरा है। ऐसे अपराधियों से निपटने के लिए आबकारी विभाग अब हथियारों और तकनीक से लैस होकर मैदान में उतरेगा

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