मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया के कार्यकाल को लेकर शासन और आयोग के बीच कानूनी जंग छिड़ गई है। नगरीय प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी कर 14 अप्रैल को उनका कार्यकाल समाप्त घोषित कर दिया था, जिसे करोसिया ने "षड्यंत्र" करार दिया है।
मुख्य विवाद:
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आदेश को चुनौती: करोसिया का तर्क है कि उनकी नियुक्ति सरकार (मंत्रालय) द्वारा की गई थी, इसलिए एक विभाग की सचिव को उनकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है।
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कोर्ट की राहत: प्रताप करोसिया ने इस आदेश के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें 'स्टे ऑर्डर' मिल गया है।
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निलंबन की मांग: करोसिया ने इसे शासन की छवि धूमिल करने की कोशिश बताते हुए आदेश जारी करने वाली अधिकारी के निलंबन की मांग की है। फिलहाल वे अपने पद पर बने हुए हैं और सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।
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