Sunday, 20 September 2026
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गणितीय मॉडलिंग से पायथन प्रोग्रामिंग तक आधुनिक तकनीक पर चर्चा, डीएवी कॉलेज में राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में विशेषज्ञों ने रखे विचार

रिपोर्ट: सागर मिश्रा

कानपुर। डी.ए.-वी. पीजी कॉलेज, कानपुर के गणित विभाग की ओर से 12 सितंबर 2026 को “गणित और पायथन प्रोग्रामिंग पर हालिया प्रगति (RAMPP-2026)” विषय पर नागेंद्र स्वरूप स्मारक द्वितीय राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को गणित में हो रहे नवीन शोध, गणितीय मॉडलिंग तथा पायथन प्रोग्रामिंग के आधुनिक तकनीकी अनुप्रयोगों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम को नागेंद्र स्वरूप जी की शैक्षणिक विरासत को समर्पित किया गया। आयोजन मुख्य संरक्षक श्रीमती कुमकुम स्वरूप, अध्यक्ष, प्रबंधन बोर्ड, डी.ए.-वी. कॉलेज; श्रीमती मेघना स्वरूप, सचिव, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट तथा इंजीनियर गौरवेंद्र स्वरूप, संयुक्त सचिव, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम के संरक्षक एवं कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मनोज जौहरी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने गणित और आधुनिक तकनीक के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के लिए गणितीय ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता के महत्व को रेखांकित किया।

वहीं आयोजन सचिव डॉ. एस.सी. घोष ने व्याख्यान श्रृंखला के विषय और उसके उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि RAMPP-2026 के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को गणित तथा पायथन प्रोग्रामिंग के बीच के संबंध और इसके आधुनिक उपयोगों को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. पी.के. त्रिपाठी ने किया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में प्रो. अभिषेक कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. आर.एस. गौर ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विशेषज्ञों ने गणित के आधुनिक उपयोगों पर रखे विचार

राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में विभिन्न संस्थानों से आमंत्रित विशेषज्ञों ने अपने विषयों पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए। प्रो. ए.एल. पाठक, बी.एन.डी. पीजी कॉलेज, कानपुर, प्रो. रिताब्रत बिस्वास, कोलकाता तथा प्रो. कृष्णापद दास ने गणितीय मॉडलिंग, वैदिक गणित के उपयोग तथा दैनिक जीवन में गणित की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

वक्ताओं ने बताया कि गणित केवल कक्षा और पुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि वास्तविक जीवन की अनेक जटिल परिस्थितियों को समझने और उनके समाधान विकसित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। गणितीय मॉडलिंग के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों को गणितीय रूप में प्रस्तुत कर उनका विश्लेषण किया जा सकता है।

व्याख्यान के दौरान पायथन प्रोग्रामिंग और आधुनिक तकनीकी अनुप्रयोगों के महत्व पर भी चर्चा हुई। वर्तमान समय में डेटा विश्लेषण, गणितीय गणना, मॉडलिंग और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में प्रोग्रामिंग के बढ़ते उपयोग को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए गणित के साथ कंप्यूटेशनल कौशल विकसित करना उपयोगी बताया गया।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में गणित विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। विभाग से प्रो. अनिला त्रिपाठी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. आर.एस. गौर, डॉ. कुसुम पांडे, डॉ. रीता दीक्षित, डॉ. ज्ञान गुप्ता, श्री नितिन कुमार सिंह, आनंद त्रिवेदी, शंकर सिंह और दीपिका वर्मा सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

आयोजन के दौरान विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विशेषज्ञ वक्ताओं से सीधे संवाद करने तथा गणित और प्रोग्रामिंग से जुड़े आधुनिक विषयों को समझने का अवसर मिला।

अकादमिक ज्ञान को तकनीकी जरूरतों से जोड़ने पर जोर

आयोजकों के अनुसार, RAMPP-2026 का प्रमुख उद्देश्य अकादमिक सिद्धांत और आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना है। व्याख्यान श्रृंखला के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों को गणित, गणितीय मॉडलिंग तथा पायथन प्रोग्रामिंग के नवीन आयामों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि बदलते तकनीकी दौर में गणित की पारंपरिक अवधारणाओं के साथ कंप्यूटेशनल और प्रोग्रामिंग कौशल का ज्ञान विद्यार्थियों को शोध और व्यावहारिक क्षेत्रों में नई संभावनाएं प्रदान कर सकता है।

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PJ
Palak Jaiswal
16 Sep 2026

Jajeiejsnsk