देश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। हाल ही में कई राज्यों में उम्मीदवारों की घोषणा और चुनाव आयोग की सक्रियता ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
दलित राजनीति पर भी टकराव
बसपा प्रमुख मायावती ने विपक्षी दलों पर दलित नेता कांशीराम के नाम का “राजनीतिक इस्तेमाल” करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव के समय ऐसे मुद्दों को उठाना सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है।
चुनावी रणनीति पर फोकस
जहां एक तरफ विपक्ष गठबंधन मजबूत करने में जुटा है, वहीं सत्ताधारी दल विकास और योजनाओं को मुख्य मुद्दा बना रहा है।
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