Monday, 01 June 2026
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क्रूज शिप पर 'हंटावायरस' का खौफ: 3 यात्रियों की मौत, रेस्क्यू के बाद सुरक्षित स्थान पर भेजा गया जहाज

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केप वर्डे/टेनेरिफ़। अटलांटिक महासागर की यात्रा पर निकले एक लग्जरी क्रूज शिप 'एमवी होंडियस' (MV Hondius) पर हंटावायरस के प्रकोप के बाद अंतरराष्ट्रीय हड़कंप मच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पुष्टि की है कि इस वायरस की चपेट में आने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जहाज से तीन गंभीर यात्रियों को एयरलिफ्ट कर यूरोप के विशेष अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

 

अंटार्कटिका से शुरू हुआ सफर, बीच समुद्र में फैला संक्रमण

करीब 150 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर यह जहाज 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। अपनी यात्रा के दौरान जहाज अंटार्कटिका के दूरदराज के हिस्सों और सेंट हेलेना जैसे द्वीपों पर रुका। यात्रा के बीच में ही यात्रियों में गंभीर फ्लू जैसे लक्षण दिखने लगे। जांच में पता चला कि यह 'एंडीज स्ट्रेन' (Andes strain) का हंटावायरस है, जो इस वायरस के उन दुर्लभ प्रकारों में से है जो एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकते हैं।

क्या है हंटावायरस और यह कितना खतरनाक है?

आमतौर पर हंटावायरस चूहों और कृंतकों (Rodents) के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। हालांकि, इस क्रूज पर मिला 'एंडीज स्ट्रेन' बेहद करीबी शारीरिक संपर्क के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है।

  • शुरुआती लक्षण: तेज बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द।

  • गंभीर स्थिति: यह तेजी से 'हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम' में बदल सकता है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है और जानलेवा साबित होता है।

  • उपचार: वर्तमान में इसका कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, केवल शुरुआती मेडिकल सपोर्ट ही जान बचा सकता है।

WHO की चेतावनी: क्या यह अगली महामारी बन सकता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की विशेषज्ञ मारिया वैन केरखोव ने स्पष्ट किया है कि हालांकि स्थिति गंभीर है, लेकिन आम जनता के लिए जोखिम बेहद कम है। कोविड-19 या इन्फ्लुएंजा के विपरीत, हंटावायरस केवल बहुत करीबी और लंबे समय तक संपर्क (जैसे एक ही बिस्तर साझा करना) से फैलता है। वर्तमान में यह प्रकोप केवल इसी विशिष्ट जहाज तक सीमित है और इसके सामुदायिक प्रसार के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।

जहाज को किया गया अलग, सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू

केप वर्डे के तट पर रोके जाने के बाद, अब जहाज को कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ़ की ओर भेजा गया है। वहां विशेषज्ञों की एक टीम पूरे जहाज की एपिडेमियोलॉजिकल जांच और गहन कीटाणुशोधन (Disinfection) करेगी। जहाज पर मौजूद बाकी यात्रियों को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

यात्रियों के लिए सलाह: घबराएं नहीं, सतर्क रहें

स्वास्थ्य अधिकारियों ने यात्रियों और पर्यटकों को सलाह दी है कि वे जंगली या ग्रामीण क्षेत्रों में चूहों के संपर्क से बचें। यदि यात्रा के दौरान अचानक फ्लू जैसे लक्षण दिखें, तो इसे नजरअंदाज न करें। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद वातावरण होने के कारण क्रूज शिप पर बीमारियां जल्दी फैलती हैं, लेकिन हंटावायरस के मामले में व्यापक खतरे की आशंका नगण्य है

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