नई दिल्ली | 24 अप्रैल, 2026
भारतीय राजनीति के फलक पर आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब आम आदमी पार्टी (AAP) के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह केवल एक व्यक्तिगत दलबदल नहीं, बल्कि 'आप' के संसदीय इतिहास की सबसे बड़ी टूट है। चड्ढा के साथ पार्टी के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 ने एक साथ भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है।
संविधान के '2/3 नियम' का रणनीतिक इस्तेमाल
राघव चड्ढा ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह संवैधानिक है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के दो-तिहाई (2/3) सांसदों ने मिलकर भाजपा के साथ विलय (Merge) करने का निर्णय लिया है, ताकि दलबदल विरोधी कानून के तहत उनकी सदस्यता बरकरार रहे।
शामिल होने वाले प्रमुख नाम:
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राघव चड्ढा
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संदीप पाठक (पार्टी के मुख्य रणनीतिकार)
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अशोक मित्तल (हाल ही में नियुक्त उप-नेता)
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हरभजन सिंह (पूर्व क्रिकेटर)
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स्वाति मालीवाल
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विक्रम साहनी
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संजीव अरोड़ा
'सही व्यक्ति, गलत पार्टी' – चड्ढा का तीखा प्रहार
पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:
"जिस पार्टी को मैंने 15 साल अपने खून-पसीने से सींचा, वह आज अपने सिद्धांतों से भटक गई है। पिछले कुछ समय से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं 'गलत पार्टी में सही व्यक्ति' हूँ। मैं उनके (AAP) पापों और अपराधों का हिस्सा नहीं बनना चाहता था।"
22 दिनों की खामोशी के बाद 'सैलाब'
यह घटनाक्रम 2 अप्रैल को तब शुरू हुआ था जब आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा से पार्टी कोटे का 'स्पीकिंग टाइम' छीन लिया था और उन्हें उप-नेता पद से हटा दिया था। इसके जवाब में चड्ढा ने 3 अप्रैल को एक वीडियो जारी कर कहा था, "मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना, मैं वो दरिया हूँ जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।" आज का यह राजनीतिक घटनाक्रम उसी चेतावनी का परिणाम माना जा रहा है।
केजरीवाल का पलटवार: "पंजाबियों के साथ धक्का"
इस बड़ी टूट पर प्रतिक्रिया देते हुए 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "भाजपा ने एक बार फिर पंजाबियों के साथ धक्का (धोखा) किया है।" वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन सांसदों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पंजाब की जनता इन नामों को कभी माफ नहीं करेगी।
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