उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल कस्बे से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक बंदर ने तीन महीने की मासूम बच्ची को अपने कब्जे में लेकर घंटों तक बंधक बनाए रखा। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने न केवल इलाके में दहशत फैला दी है, बल्कि वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर की है जब कस्बे के एक घर में बंदर अचानक दाखिल हुआ और पालने में सो रही मासूम बच्ची को उठाकर छत पर ले गया। परिजनों ने जब बच्ची को बंदर के चंगुल में देखा तो उनके होश उड़ गए। जैसे ही स्थानीय लोगों ने बच्ची को छुड़ाने की कोशिश की, बंदर हिंसक हो उठा। वह बच्ची को सीने से चिपकाए हुए एक छत से दूसरी छत पर कूदता रहा।
आधा दर्जन लोग घायल, घंटों तक मचा हड़कंप
बंदर इतना आक्रामक था कि उसने बच्ची को बचाने का प्रयास कर रहे करीब आधा दर्जन लोगों को काटकर घायल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बंदर किसी भी व्यक्ति को अपने करीब नहीं आने दे रहा था और हर कोशिश पर हमला कर रहा था। करीब डेढ़ से दो घंटे तक चले इस 'हाई वोल्टेज ड्रामे' के कारण पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पशु प्रेमियों की सूझबूझ आई काम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और पशु प्रेमी सन्नी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। सन्नी ने बताया कि बंदर संभवतः अपने बच्चे को खोने के गम में था और उसने इस मासूम बच्ची को अपना बच्चा समझकर 'प्रोटेक्टिव मोड' में ले लिया था। टीम ने जल्दबाजी करने के बजाय सूझबूझ का परिचय दिया।
बंदर का ध्यान भटकाने के लिए उसे खाने-पीने की चीजों का लालच दिया गया और मोबाइल फोन के जरिए कुछ आवाजें निकाली गईं। लंबी मशक्कत के बाद, जब बंदर का ध्यान थोड़ा भटका, तो टीम ने बड़ी ही सावधानी से बच्ची को उसके चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया।
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