Wednesday, 25 March 2026
Swaraj Express
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मध्य प्रदेश guna

"एसपी अंकित सोनी के राज में ‘नगीना’ सिस्टम? टीआई चौहान की पोस्टिंग पर सवाल!"

गुना: मौजूदा समय पुलिस महकमे से लेकर आम जन तक गुना हवाला कांड चर्चा का विषय बना हुआ है ..बहुचर्चित सिवनी हवाला कांड से इसकी तुलनी की जा रही है लेकिन दोनो प्रकरण मे अन्तर यह है कि सिवनी मे पूरी राशि लूट ली गई जिसके चलते आरोपी पुलिस वाले अभी तक जेल मे हैं वहीं गुना मे कमीशन खोरी हुई यानि एक करोड़ की राशि मे 20 लाख पुलिस ने हड़प किये बांकी ईमानदारीके साथ हवाला कारोबारी को वापस लौटा दिया..और बिना पूंछ ताछ के छोड़ दिया... खैर मामले मे हड़कम्प मचा तो न केवल हवाला कारोबारी के बीस लाख लौटाने पड़े बल्कि पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी भी सवालों के घेरे मे आ गये...नतीजतन कप्तान साहब को तत्काल प्रभाव से कप्तानी से हटा कर पुलिस मुख्यलय अटैच कर दिया गया.. शायद अंकित सोनी पर गाज नहीं भी गिरती अगर सम्बन्धित धरनावदा थाना प्रभारी प्रभात कटारे को वो जरुरत से ज्यादा संरक्षण नही देते...कहा जाता है कि गुना के पुलिस महकमे मे ये चर्चा का विषय रहा है कि उप निरीक्षक प्रभात कटारे कप्तान साहब के सबसे चहेते थाना प्रभारी थे...लेकिन ऐसा नहीं है...स्वराज एक्सप्रेस इस बात को दावे के साथ बता रहा है...दरअसल कप्तान साहब यानि अंकित सोनी के एक और खास नगीना थे जो गुना के कोतवाली मे टी.आई थे और अभी हैं भी..जिन पर फूलों की वर्षा हो रही है लोग फूल माला से साहब का स्वागत भी कर रहे है .ऐसा लग रहा है कि टीआई साहब कोई बहुत खतरनाक गैंग का सफाया करके लौटे है..या फिर किसी ऐसे कार्य को अंन्जाम दिया है जो नामुमकिन रहा हो..हां काम तो ऐसा ही हुआ है जो नामुमकिन था...क्योकि टीई साहब को हाई कोर्ट ने सस्पेन्ड करने का आदेश दिया था जिस पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट स्टे प्राप्त कर लिया ....तो किस्सा कोताही का यह रहा कि हाईकोर्ट ने साहब को टी.आई को सस्पेंन्ड करने का आदेश क्यो दिया..तो बता देते है कि पिछले साल कोतवाली पुलिस स्टेशन मे एक स्थानीय महिला ने दूसरी महिला के खिलाफ उसकी अश्लील फोटो वायरल करने का आरोप लगाते हुए आवेदन देती है..आवेदन के आधार पर दूसरी महिला के खिलाफ आरोप भी पन्जीबद्ध कर लिया जाता है जिस पर आरोपी महिला जिला न्यायालय मे अग्रिम जमानत हेतु याचिका लगाती है मगर याचिका खारिज हो जाती है..जिसके खिलाफ आरोपी महिला हाईकोर्ट में याचिका लगाती है लेकिन हाईकोर्ट भी उसे खारिज कर देता है.. तत्पश्चात वो डबल बेंन्च मे याचिका लगाती है वहां भी उसकी याचिका खारिज हो जाती है....अब क्या ..उसका जेल जाना तय ..तब वो टी.आई साहब सी.पी.एस.चौहान के सामने शरणम् गच्छामि होती है ..परिणाम स्वरुप टी.आई महोदय ने 41 ए का नोटिस देकर आरोपी महिला को छोड़ दिया....अर्थात हाई कोर्ट की डबल बेंन्च को भी धता बता दिया...वाह क्या कमाल किया टीआई साहब ने....लेकिन टी.आई साहब की हैकड़ी तब रुफूचक्कर हो गई जब फिरियादी ने टीआई के खिलाफ हाई कोर्ट मे याचिका दायर कर दी..ऐसे में जब माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समक्ष यह मामला संज्ञान में आया तो उन्होने तत्काल कप्तान साहब यानि अंकित सोनी को कोतवाली टीई को सस्पेन्ड कर विभागीय जांच करने का आदेश दे दिया...बेचारे कप्तान साहब न चाहते हुए भी टीई चौहन को सस्पेन्ड तो किया मगर कोतवाली थाना में किसी अन्य टीआई को पदस्थ नहीं किया...उधर हाई कोर्ट के आदेश के विरुद्ध चौहान ने सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दायर कर दी...लगभग 70 दिन के प्रयास के बाद चौहान के सस्पेन्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया....अब खेल शुरु होता है कप्तान साहब अंकित सोनी के अधिकार का...तो पहले तो उन्होने कोतवाली थाना मे किसी भी टीआई को पदस्थ नही किया यानि 70 दिन तक कोतवाली थाना टीआई विहीन रहा उसके बाद की कार्यवही कैसे रही यह जानने के बाद आप भी यकीन कर लेगे कि चौहन वकाई मे अंकित सोनी के नगीने थे...तो सुनिये 16 मार्च की शाम पांच बजे के करीब हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट चौहान के सस्पेन्शन पर स्टे देता है...जाहिर है कि सर्टीफाइड कापी मिलने मे एक दो दिन तो लगते ही है...अर्थात 17 या 18 मार्च को कापी मिली होगी ..और 19 मार्च को सीपीएस चौहान को पुनः कप्तान साहब कोतवाली थाना मे पदस्थ करने का आदेश जारी कर देते हैं ..आदेश के मुताबिक चट मंगनी पट ब्याह की कहावत को चरितार्थ करते हुए फूलों की वर्षा के बीच ज्वाइन भी कर लेते है....वाह कप्तान साहब आपने चौहान को फिर से पदस्थापना तो दे दी..यह भी नहीं देखा कि चौहान की विभागीय जांच के भी हाईकोर्ट ने आदेश दिये हैं...जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने चौहान को कोई राहत नही दी है..सिर्फ सस्पेन्शन पर स्टे मात्र दिया है और 17 अप्रैल को फिर से पेशी भी मुकर्रर की है..ऐसे मे कप्तान साबह आपको इत्तला दे रहे है कि वह फिरयादी महिला फिर से हाईकोर्ट जा रही है कि यह आरोप लगाते हुए कि जब टीआई चौहान की विभागीय कार्यवाही चल रही तो उसी जगह पदस्थापना कैसे दी .बहरहाल 20 मार्च को हवाला कांड हो जाता है और एस.पी साहब खुद निपट जाते है तो अब देखना यह है कि अब उनके नगीने सीपीएस चौहान का पावर क्या खेल दिखाता है.....क्या चौहान के वर्दी का रौब उसी तरह चढ़ कर बोलेगा या फिर खाकी कानून के दायरे मे रह कर काम करेगी..

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