नई दिल्ली/पुणे। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने के बाद देश के युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इस महाघोटाले के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर, मामले की जांच कर रही सीबीआई (CBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पेपर लीक के मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है।
"NTA नहीं, यह नेशनल करप्शन एजेंसी है" — छात्रों का फूटा गुस्सा
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने हाथों में ताले और जंजीरें लेकर NTA कार्यालय को प्रतीकात्मक रूप से बंद करने की कोशिश की। छात्रों ने एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसे 'नेशनल करप्शन एजेंसी' करार दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लें।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने भावुक होते हुए कहा कि बार-बार पेपर लीक होने और परीक्षाएं रद्द होने के कारण छात्र मानसिक दबाव में हैं और देश में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CBI की बड़ी कामयाबी: पुणे से मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी गिरफ्तार
इस चौतरफा दबाव के बीच, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने देशव्यापी नेटवर्क पर प्रहार करते हुए कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को पुणे से गिरफ्तार कर लिया है।
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कौन है मास्टरमाइंड: सीबीआई के मुताबिक, कुलकर्णी एक केमिस्ट्री लेक्चरर है और परीक्षा प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था।
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कैसे किया लीक: जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी ने एक विशेष कोचिंग क्लास के जरिए चुनिंदा छात्रों को परीक्षा से पहले ही वही प्रश्न और उत्तर रटवा दिए थे, जो वास्तविक प्रश्नपत्र में आए थे।
सीबीआई इस मामले में पहले गिरफ्तार हो चुकी मनीषा वाघमारे और कुलकर्णी के कनेक्शन को खंगाल रही है। देश के कई शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर मोबाइल फोन, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।
बीजेपी सरकार पर भी साधा निशाना
विपक्षी छात्र संगठनों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार केवल बड़े-बड़े भाषण देती है, लेकिन परीक्षा तंत्र को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में पूरी तरह नाकाम रही है। राजस्थान से लेकर दिल्ली तक फैले इस रैकेट ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की साख को मिट्टी में मिला दिया है। फिलहाल, NTA कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई है।
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