Monday, 01 June 2026
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तमिलनाडु में सत्ता का नया समीकरण: विजय ने राज्यपाल से की मुलाकात, सरकार बनाने का दावा पेश

 

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कजगम' (TVK) की धमाकेदार चुनावी एंट्री ने दशकों पुराने डीएमके और एआईएडीएमके के वर्चस्व को चुनौती दी है। इस सियासी बदलाव के बीच टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।

कांग्रेस का 'यू-टर्न': डीएमके का साथ छोड़ टीवीके से मिलाया हाथ

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा उलटफेर कांग्रेस पार्टी ने किया है। कांग्रेस ने अपने पुराने सहयोगी डीएमके का साथ छोड़ते हुए टीवीके के साथ गठबंधन का निर्णय लिया है। तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख के. सेल्वपेरुंथगई और प्रभारी गिरीश चोडंकर सहित वरिष्ठ नेताओं ने टीवीके मुख्यालय पहुंचकर थलापति विजय से मुलाकात की और इस नए गठबंधन पर मुहर लगाई।

बहुमत का गणित: जादुई आंकड़े की तलाश

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान समीकरणों के अनुसार:

  • TVK: 108 सीटें

  • कांग्रेस: 05 सीटें

  • कुल योग: 113 सीटें

बहुमत के आंकड़े से अभी यह गठबंधन 5 सीट दूर है। इस कमी को पूरा करने के लिए टीवीके अब एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी (EPS) के संपर्क में है, जिनकी पार्टी ने 47 सीटें जीती हैं।

डीएमके का तीखा हमला: कांग्रेस पर लगाया 'धोखे' का आरोप

कांग्रेस के इस कदम से डीएमके खेमे में भारी नाराजगी है। डीएमके नेता सरवनन अन्नादुरई ने इसे 'INDIA' गठबंधन की पीठ में छुरा घोंपना करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कांग्रेस का यह फैसला अदूरदर्शी है और इससे राष्ट्रीय स्तर पर उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे।

कांग्रेस का पलटवार: 'गठबंधन टूटना एक स्वाभाविक प्रक्रिया'

डीएमके की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने इसे राज्य के हित में लिया गया फैसला बताया है। उन्होंने 2014 के वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि तब डीएमके ने कांग्रेस को अकेले लड़ने पर मजबूर किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में समीकरण बदलते रहते हैं और राहुल गांधी जैसे नेताओं को किसी से आचरण के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।

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