पटना। बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर छात्र आंदोलनों का अखाड़ा बन गई है। TRE 4 (शिक्षक नियुक्ति चरण-4) के विज्ञापन जारी करने और बीपीएससी (BPSC) नियमावली में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हजारों अभ्यर्थियों पर शुक्रवार को पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। पटना कॉलेज से निकाला गया विरोध मार्च जैसे ही जेपी गोलंबर पहुँचा, वहाँ पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में हिंसक झड़प और लाठीचार्ज में बदल गई।
बीपीएससी कार्यालय की ओर बढ़ रहे छात्रों को पुलिस ने खदेड़ा
छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पटना कॉलेज से निकले थे। उनका इरादा बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के कार्यालय तक पहुँचकर अपना विरोध दर्ज कराना था। हालांकि, जेपी गोलंबर पर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं, और पुलिस ने छात्र नेता दिलीप समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।
छात्रों का आरोप: "आश्वासन से पेट नहीं भरता, विज्ञापन जारी करो"
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दिलीप कुमार का कहना है कि TRE 4 के लाखों अभ्यर्थी पिछले दो वर्षों से रिक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री पिछले एक साल से "10-15 दिनों में विज्ञापन आ जाएगा" का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। चुनाव के दौरान किए गए वादे भी अब तक अधूरे हैं, जिससे अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है।
बीपीएससी की नोटिस पर उठे सवाल, उम्र सीमा का बढ़ता संकट
अभ्यर्थियों का दावा है कि बीपीएससी ने फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही एक नोटिस जारी कर कहा था कि उन्हें अधियाचना (Requisition) मिल चुकी है और विज्ञापन जल्द जारी होगा। बावजूद इसके, महीनों बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया रुकी हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विज्ञापन में हो रही देरी के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र सीमा समाप्त होती जा रही है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है।
अगले बड़े आंदोलन की चेतावनी: "अन्याय नहीं सहेंगे"
पुलिस की कार्रवाई के बाद छात्रों में और भी गुस्सा है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि अगर जल्द ही TRE 4 का आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो पूरी राजधानी में इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, जेपी गोलंबर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि वे दमनकारी नीतियों के आगे झुकने वाले नहीं हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे।
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