भोपाल नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था और सॉफ्टवेयर संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निधि संपरीक्षा 2024 की रिपोर्ट में निगम द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर के प्रमाणीकरण और आय वसूली प्रणाली में संभावित अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। वहीं हाल ही में लोकायुक्त द्वारा फर्जी बिल मामले में नगर निगम के एक वित्त अधिकारी को आरोपी बनाए जाने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।
नए सॉफ्टवेयर में डाटा माइग्रेशन पर सवाल
रिपोर्ट में बताया गया है कि नगर निगम भोपाल में उपभोक्ताओं से आय संग्रहण और रसीद जारी करने की प्रक्रिया अब नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित की जा रही है। इससे पहले यह कार्य ई-नगर पालिका सॉफ्टवेयर से होता था। ऑडिट में सवाल उठाया गया है कि पुराने सॉफ्टवेयर से नए सिस्टम में डाटा माइग्रेशन सही तरीके से हुआ या नहीं, इसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
सोर्स कोड और एडमिन अधिकार पर भी चिंता
संपरीक्षा रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि नगर निगम को सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड संबंधित एजेंसी से प्राप्त करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी विवाद या तकनीकी बदलाव की स्थिति में समस्या न आए। इसके साथ ही मांग और वसूली से जुड़े सॉफ्टवेयर में एडमिन स्तर के बदलाव बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के न किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है।
सुरक्षा ऑडिट कराने की अनुशंसा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सॉफ्टवेयर में होने वाले किसी भी बदलाव का समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराया जाना चाहिए। इसके अलावा हर वर्ष किसी सक्षम एजेंसी से सॉफ्टवेयर की जांच कराई जाए, ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे और आय वसूली से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रहें।
पेनल्टी और अधिभार की गणना में खामी
ऑडिट में यह भी सामने आया कि नए सॉफ्टवेयर में कुछ मामलों में पेनल्टी और अधिभार की गणना निर्देशों के अनुरूप नहीं हो रही थी। इससे निर्धारित राशि से कम वसूली होने की आशंका जताई गई है। उदाहरण के तौर पर जोन क्रमांक 14 के वार्ड 60 में 24 नवंबर 2022 को चालान संबंधी तीन रसीदों में जमा और कटौती की तारीखों में विसंगति पाई गई।
लोकायुक्त कार्रवाई के बाद बढ़ी जांच की मांग
हाल ही में लोकायुक्त द्वारा नगर निगम के एक वित्त अधिकारी को फर्जी बिल प्रकरण में आरोपी बनाए जाने के बाद इस ऑडिट रिपोर्ट के निष्कर्षों को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। आरोप है कि फर्जी बिल बनाकर बिना कार्य कराए ही करोड़ों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया।
महापौर ने दिए जांच के निर्देश
भोपाल नगर निगम की महापौर मालती राय ने कहा है कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में सॉफ्टवेयर से जुड़ी जो खामियां सामने आई हैं, उनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी और सभी बिंदुओं की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी।
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