Monday, 01 June 2026
Swaraj Express
person
मध्य प्रदेश

रिपोर्ट में खुलासा: मार्च में बढ़ी बेरोजगारी, शहरी इलाकों ने बिगाड़े हालात

देश में बेरोजगारी को लेकर ताजा आंकड़े सामने आए हैं, जिनके अनुसार मार्च 2026 में बेरोजगारी दर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में बेरोजगारी दर फरवरी के 4.9 प्रतिशत से बढ़कर मार्च में 5.1 प्रतिशत हो गई है। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) से सामने आई है।

शहरी क्षेत्रों में बढ़ी बेरोजगारी

रिपोर्ट के अनुसार, बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी का मुख्य कारण शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी है। मार्च 2026 में शहरी बेरोजगारी दर बढ़कर 6.8 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में 6.6 प्रतिशत थी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में महिला बेरोजगारी दर लगभग स्थिर रही, जबकि पुरुषों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

श्रम बल भागीदारी दर में हल्की गिरावट

श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में भी मामूली गिरावट देखी गई है। मार्च 2026 में यह दर 55.4 प्रतिशत रही, जो फरवरी में 55.9 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में LFPR 58 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि फरवरी में यह 58.7 प्रतिशत थी। शहरी क्षेत्रों में यह दर लगभग स्थिर बनी रही।

महिलाओं की भागीदारी में कमी

महिला श्रम बल भागीदारी दर में भी गिरावट दर्ज की गई है। मार्च 2026 में यह 34.4 प्रतिशत रही, जो फरवरी में 35.3 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला LFPR 38.9 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 25.2 प्रतिशत दर्ज की गई।

श्रमिक जनसंख्या अनुपात स्थिर

श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) में मार्च महीने में स्थिरता बनी रही। समग्र WPR 52.6 प्रतिशत रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 55.5 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 46.8 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो फरवरी की तुलना में थोड़ा कम है।

3.75 लाख लोगों के सर्वे पर आधारित आंकड़े

यह सभी आंकड़े देशभर में किए गए 3,75,262 लोगों के सर्वे के आधार पर तैयार किए गए हैं, जो रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति का प्रमुख स्रोत माना जाता है।

क्या संकेत देते हैं ये आंकड़े

मार्च 2026 के आंकड़े बताते हैं कि देश में रोजगार की स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं आया है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि इस बढ़ती प्रवृत्ति को रोका जा सके।

 
 
Share
0
0
0

Comments

Leave a Reply