Monday, 01 June 2026
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ब्रिक्स सम्मेलन में हंगामा: दिल्ली में पत्रकार पर भड़के रूसी विदेश मंत्री; बोले— "या तो फोन बंद करो, नहीं तो सुरक्षाकर्मी बंदूक निकाल लेंगे"

नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक महत्वपूर्ण मीडिया ब्रीफिंग के दौरान रूस के दिग्गज विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव एक पत्रकार की हरकत पर इस कदर नाराज हो गए कि उन्होंने लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरक्षाकर्मियों द्वारा बंदूक निकालने तक की सख्त चेतावनी दे डाली। इस तीखी नोकझोंक के बाद कुछ देर के लिए पूरे हॉल में सन्नाटा पसर गया।

बार-बार बजता रहा फोन, लावरोव का टूटा सब्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूसी विदेश मंत्री अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने अपनी बात रख रहे थे। उसी समय वहां मौजूद एक पत्रकार बार-बार फोन पर बात कर रहा था, जिससे लावरोव के वक्तव्य में लगातार बाधा आ रही थी। पहली बार टोकते हुए रूसी विदेश मंत्री ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, "क्या आप यहाँ से बाहर जा सकते हैं? या तो आप खुद बाहर चले जाइए या अपने फोन को बाहर कर दीजिए।"

"मैं मजाक नहीं कर रहा..."

इस हिदायत के बाद लावरोव ने दोबारा बोलना शुरू किया, लेकिन उक्त पत्रकार ने फोन पर बात करना बंद नहीं किया। दोबारा खलल पड़ने पर लावरोव का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उन्होंने पत्रकार को सीधे चेतावनी देते हुए कहा:

"क्या आप हमें अकेला छोड़ सकते हैं? या तो आप खुद चुप रहें या फिर अपना फोन बंद करें। मैं मजाक नहीं कर रहा हूं, अगर आपने अपना फोन दूर नहीं रखा, तो ये सुरक्षाकर्मी अपनी बंदूक (Gun) निकाल लेंगे।"

इस कड़े रुख और तीखी चेतावनी को देखते हुए वहां तैनात सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत दखल दिया और मामले को शांत कराया।

विवाद से अलग: पीएम मोदी और जयशंकर से खास मुलाकात

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस विवाद से इतर, रूसी विदेश मंत्री का यह भारत दौरा कूटनीतिक रूप से बेहद सफल रहा है। सर्गेई लावरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत-रूस के रणनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने दिसंबर 2025 में मॉस्को में पीएम मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई वार्षिक बैठक के बाद के फैसलों की प्रगति रिपोर्ट साझा की।

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के संकट पर भारत का पुराना और स्पष्ट रुख दोहराते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि बातचीत और कूटनीति से ही स्थायी शांति संभव है। इससे पहले लावरोव ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की, जिन्होंने वैश्विक तनाव और भू-राजनीतिक दबावों के बावजूद भारत-रूस की सदाबहार दोस्ती की सराहना की।

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