सागर। शहर के बस स्टैंड स्थित रामाश्रम होटल में गुरुवार रात उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब होटल के किचन में गैस रिसाव के कारण भीषण आग भड़क उठी। होटल में आग से बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण आग ने तेजी से पूरे किचन को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त होटल में स्टाफ और ग्राहकों सहित कुल 35 लोग मौजूद थे, जो धुएं और लपटों के बीच फंस गए।
धुएं से घुटने लगा दम, कांच तोड़कर सुरक्षित निकाले गए लोग
रात करीब 9 बजे जब ऊपरी मंजिल पर स्थित किचन में आग लगी, तो देखते ही देखते पूरे 600-800 वर्ग फीट के भवन में काला धुआं भर गया। वहां खाना खा रहे ग्राहक और कर्मचारी घबराकर इधर-उधर भागने लगे। मौके पर पहुंचे फायर अमले और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए खिड़कियों के कांच तोड़े और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना में दो कर्मचारी झुलस गए हैं, जिनमें से एक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
लापरवाही: 6 गैस सिलेंडर के फटने का था खतरा
फायर ब्रिगेड प्रभारी सईदउद्दीन कुरैशी के अनुसार, किचन में 6 भरे हुए गैस सिलेंडर रखे थे। यदि आग बुझाने में 15 मिनट की भी देरी होती, तो ये सिलेंडर फट सकते थे, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था। जांच में पाया गया कि होटल संचालक ने न तो फायर एनओसी ली थी और न ही वहां आग बुझाने के उपकरण (फायर एस्टिंग्विशर) मौजूद थे।
होटल संचालक पर होगी कड़ी कार्रवाई
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि होटल में ज्वलनशील फेब्रिक डेकोरेशन का उपयोग किया गया था, लेकिन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई। लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद होटल संचालक ने लापरवाही बरती, जिससे कई लोगों की जान जोखिम में पड़ गई। प्रशासन अब इस मामले में होटल संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
Comments
Leave a Reply