नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद देश में ईंधन की कमी की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिस पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोमवार को आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।
रिफाइनरी पूरी क्षमता पर, स्टॉक मजबूत
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयीय बैठक में बताया कि देश में कच्चे तेल (Crude Oil) का भंडार पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि भारत की रिफाइनरी 'ऑप्टिमम' स्तर पर काम कर रही हैं और देशभर के किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी वितरक के पास स्टॉक की कमी नहीं है।
मांग से ज्यादा सप्लाई: आंकड़े दे रहे गवाही
मंत्रालय ने आपूर्ति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले तीन दिनों में मांग से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई है:
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LPG: 1.14 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ सिलेंडर डिलीवर किए गए।
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कमर्शियल गैस: 17,000 टन से अधिक की बिक्री हुई।
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ऑटो एलपीजी: 762 टन से ज्यादा की बिक्री दर्ज की गई।
प्रधानमंत्री की सात अपीलें
मंत्रालय ने पीएम मोदी द्वारा सिकंदराबाद में की गई सात प्रमुख अपीलों को दोहराया, जिसका उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितता के दौर में देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखना है:
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सार्वजनिक परिवहन (Metro/Bus) का अधिक उपयोग करें।
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कारपूलिंग को बढ़ावा दें।
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माल ढुलाई के लिए रेलवे को प्राथमिकता दें।
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इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर बढ़ें।
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वर्क फ्रॉम होम कल्चर को अपनाएं।
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कम से कम एक साल के लिए विदेश यात्रा और सोने की खरीद टालें।
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स्वदेशी उत्पादों और प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता दें।
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