नई दिल्ली / पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो राज्य में सत्ता संतुलन बदल सकता है और पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना भी जताई जा रही है।
राज्यसभा जाने की अटकलों से बढ़ी सियासी हलचल
हाल के दिनों में बिहार की राजनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार जेडीयू और एनडीए के भीतर यह रणनीति बन रही है कि नीतीश कुमार को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका दी जाए। इसी कड़ी में उन्हें राज्यसभा भेजने का विकल्प चर्चा में बताया जा रहा है।
भाजपा को मिल सकता है मुख्यमंत्री पद
यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में मुख्यमंत्री पद खाली होगा। ऐसी स्थिति में एनडीए गठबंधन के तहत बीजेपी को मुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है। इससे राज्य में सत्ता का समीकरण बदल सकता है।
2005 से बिहार की राजनीति के केंद्र में हैं नीतीश
नीतीश कुमार 2005 से बिहार की राजनीति में सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। वे कई बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों के साथ सरकार बना चुके हैं। उनके संभावित राज्यसभा जाने की चर्चा को इसलिए भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि इस पूरे मुद्दे पर अभी तक जेडीयू या बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस पर स्थिति साफ हो सकती है और बिहार की राजनीति में बड़ा फैसला सामने आ सकता है
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