Monday, 01 June 2026
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मध्य प्रदेश

I.A.S अधिकारी अरविन्द शाह के चलते क्या बढ़ेगा शासन -प्रशासन के बीच विवाद ?

MPNews: 

नमस्कार, आज चर्चा उसकी जो पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह और IAS Association के बीच की है… लेकिन इसकी शुरुआत इस मुहावरे से कर रहे हैं… जो इस विवाद पर सटीक बैठता है—हकीम जी अपनी ही दवा से चल बसे। तो जबलपुर स्मार्ट सिटी के CEO, IAS अधिकारी अरविन्द शाह के साथ भी ऐसा ही हुआ। बात बंद कमरे की थी, जो सिर्फ चार-पाँच लोगों के बीच ही थी—जबलपुर कमिश्नर, कलेक्टर, मंत्री और खुद अरविन्द शाह। लेकिन अरविन्द शाह ने IAS होने का दंभ क्या भरा, मामला उल्टा पड़ गया। साथ ही IAS Association के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव को भी लपेटे में ले लिया। दरअसल, अरविन्द शाह के द्वारा CS को लिखा गया पत्र मीडिया में कैसे आया… इस बात को मुख्यमंत्री जी ने काफी गंभीरता से लिया। नतीजतन, उन्होंने मनु श्रीवास्तव की क्लास भी ली। पहले तो मनु श्रीवास्तव साफ मुकर गए कि उन्होंने पत्र लीक नहीं किया है, मगर वहीं मौजूद मंत्री राकेश सिंह ने CM और मनु श्रीवास्तव को मोबाइल में पत्र की फोटो कॉपी दिखाते हुए कहा कि यह पत्र उन्हें मीडिया से ही मिला है। जिसके बाद मनु श्रीवास्तव के पास चुप रहने के अलावा कोई विकल्प बचा नहीं। खैर, अब बात करते हैं आगे की कहानी की… अरविन्द शाह ने सोचा था कि Association के जरिए वो मंत्री पर दबाव बना देंगे, मगर उल्टा पड़ गया। अरविन्द शाह की स्मार्ट सिटी की कुर्सी तो जाती दिख ही रही है, साथ ही महिला के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में FIR दर्ज होने की तलवार भी गले में लटक गई है। उधर, पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री के नाम तीन पेज का शपथ पत्र भी दे दिया है, जिस पर जैसे ही मुख्यमंत्री या मंत्री का इशारा होगा, अविलंब कार्रवाई कर दी जाएगी—यानी शिकायत के जरिए महिला को प्रताड़ित करने पर FIR। तो चलिए, अब देखिए शपथ पत्र की कॉपी… तो आपने जो सुना, उससे अंदाजा लगा ही लिया होगा कि मामला कितना गंभीर है। बहरहाल, अब देखिए महिला के द्वारा दिए गए शपथ पत्र की कॉपी… जिसमें उसने साफ लिखा है कि अरविन्द शाह ने यह कहते हुए अभद्रता की है—“मंत्री की मैं नहीं चाटता, तू भी मत चाट।” जाहिर है, यह आरोप गंभीर नहीं, गंभीरतम की श्रेणी में आता । तो चलते-चलते यह भी बता देते हैं कि कोई भी नेता अपने भाषण की शुरुआत ही जनता को सर्वोपरि बताते हुए करता है, तो फिर राकेश सिंह यह कैसे भूल सकते हैं कि उक्त महिला उस समुदाय से आती है, जिसके मतदाता उनके क्षेत्र में बहुतायत में हैं। यानी जबलपुर पश्चिम में सरदार मतदाता निर्णायक वोटरों में गिने जाते हैं। तो अभी इतना ही… आगे भी इस प्रकरण में हम आपको अंदर क्या सुलग रहा है, इसकी जानकारी देते रहेंगे।

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Comments (1)
RM
Rc Mishra
29 Apr 2026

इसे कहते हैं अंदर की खबर बहुत खूब
स्वराज में दम है।