कमिश्नर साहब का 'कंसल्टेंट प्रेम' या करोड़ों का भ्रष्टाचार? स्वराज एक्सप्रेस का बड़ा खुलासा!
मध्य प्रदेश
इस सनसनीखेज खुलासे में देखिए कैसे मध्य प्रदेश कैडर के 2007 बैच के एक रसूखदार IAS अधिकारी, जो चंबल-ग्वालियर संभाग के एक जिले के कलेक्टर भी रह चुके हैं, वर्तमान में विभाग के मंत्री और अपने सुपर बॉस (ACS) के निर्देशों को दरकिनार कर मनमानी पर उतारू हैं। स्वराज एक्सप्रेस की पड़ताल में सामने आया है कि साहब ने मई 2025 में सिक्योरिटी टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने और दूसरी कंपनी के 'लोवेस्ट रेट' पर आने के बावजूद, 2012 से जमी पुरानी कंपनी को ही अवैध रूप से काम पर बनाए रखा है, जिसका अनुबंध 2014 में ही समाप्त हो चुका था। पिछले 12 वर्षों में बिना किसी नियम-प्रक्रिया के इस कंपनी को लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और यह सिलसिला आज 2026 में भी जारी है। इतना ही नहीं, साहब का 'कंसल्टेंसी प्रेम' भी चर्चा का विषय है, जहाँ वे सरकारी अमले के बजाय अपने एक पसंदीदा प्राइवेट कंसल्टेंट को हर विभाग में साथ ले जाते हैं और आउटसोर्सिंग के जरिए उसके कर्मचारियों का वेतन सरकारी खजाने से निकलवाते हैं। विभाग में अब यह फुसफुसाहट तेज हो गई है कि यह कंसल्टेंट साहब के लिए 'दलाली' का काम करता है, जिसके चलते करोड़ों के वारे-न्यारे हो रहे हैं। प्रशासन के भीतर चल रहे इस बड़े खेल की पूरी सच्चाई जानने के लिए इस वीडियो को अंत तक देखें।
#IASCorruption #MadhyaPradeshScam #AdministrativeReform
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